विश्वास से उन्नती तक
नमस्कार दोस्तों , सबसे पहले पूछना चाहूंगी कैसे है आप और आपका परिवार ! दोस्तों आज हम देखेंगे हमारा नया टॉपिक
विश्वास से उन्नति तक .
मेरे प्रिय दोस्तों , सचमुच आज हमने जो टॉपिक चुना है क्या इसके बारेमे हमने कभी गहराईयोंसे सोचा है।
अगर नहीं तो आज सोचने की जरुरत है। हाँ दोस्तों यह सच है की सिर्फ और सिर्फ विश्वासही तो है जो हमें उन्नति तक पहुँचाता है। और हमारे बड़ी से बड़ी मुश्किलोमे भी विश्वास हमें उम्मीद जगाता है।
आपमेसे कई बहने और भाई शायद परमेश्वर पर विश्वास करते है , और कुछ नहीं भी करते है ,परन्तु हमें हमारी विपरीत परिस्थितियोमे और संसार का साथ छूट जानेपर एक परमेश्वरही है जो हमारा विश्वास और सहारा होता है। दोस्तों मैंने मेरे जीवनमे कई बार महसूस किया और मेरे जीवनकी कुछ सच्ची घटनाये भी है जो मुझे सिखाती है की परमेश्वर मेरे साथ है।
दोस्तों आप लोग सोच रहे होंगे की जब हमें परमेश्वर दिखाई नहीं देता तो हम किसपर विश्वास करे। ऐसा नहीं है दोस्तों परमेश्वर हमें शारीरिक रूपसे नहीं दिखता परन्तु वह आत्मिक रूपसे हमारे साथ है। मै कहना चाहती हु की हर एक कार्य की शुरुवात करनेसे पहले हमें परमेश्वरसे प्रार्थना करना चाहिए ताकि हम जबभी किसी कामकी शुरुवात करेंगे तो हमारा विश्वास दृढ़ हो ताकी धेय्य को प्राप्त कर सके। उदा :- जैसे हमें सुबह उठतेही परमेश्वरको धन्यवाद् करे उसने हमें नया सवेरा दिखाया है , बीते समय के लिए , बीते कामोके लिए, हमारे कामोके लिए जिससे हम पैसा कमा पाते है और हर एक सुख के लिए जो हमारी रोजमर्रा की जिन्दगीमे हम हासिल करते है। वैसेही हमें हमारी रोजकी जिंदगीसे जो हमने कुछ गलतिया की है उसे हमें परमेशवर के आगे अंगीकार करना चाहिए उदा : हमने हमारे पूर्वमे किसीका दिल दुखाया है , किसीकी हानि की है , जरूरतमंदोको नकारा है तो हमें हमारी प्रार्थनामे परमेश्वरसे क्षमा मांगना चाहिए।
दोस्तों मै सच कहती हु आप जब रोज ऐसा करोगे तो आप एक अद्भुत चमत्कारको देख सकते हो। आपको जबभी बेसहारा मेहसूस होता है या फिर लगता है की आप मुसीबतमे हो तब आपको दृढ़ विश्वास से परमेश्वर विश्वास करके विनती करना होगा की उसे आपको उस मुसीबतसे निकालना होगा और बदलेमे आपको परमेश्वरको वचन देना होगा की आप उसीके मार्गपर चलने के लिए तैयार है। सचमुच दोस्तों आप देखेंगे की आपके द्वारा किये गए अंगीकारसे आप अपने विचारोंमें एक नया बदलाव देखेंगे और देखेंगे की आपके द्वारा मांगे गए अच्छे क्षेत्रोंमें आपकी उन्नति हो रही होगी। देरसे क्यू नही पर होगी जरूर। इसीलिए आपको जो भी करना है विश्वास से करना होगा। उम्मीद करती हूँ की आपको आजका टॉपिक बहोत पसंद आया होगा।
धन्यवाद् दोस्तों मै विश्वास करती हु की आपका विश्वास बढानेमें मै सहायक जरूर हो सकती हूँ ।
विश्वास से उन्नति तक .
मेरे प्रिय दोस्तों , सचमुच आज हमने जो टॉपिक चुना है क्या इसके बारेमे हमने कभी गहराईयोंसे सोचा है। अगर नहीं तो आज सोचने की जरुरत है। हाँ दोस्तों यह सच है की सिर्फ और सिर्फ विश्वासही तो है जो हमें उन्नति तक पहुँचाता है। और हमारे बड़ी से बड़ी मुश्किलोमे भी विश्वास हमें उम्मीद जगाता है।
आपमेसे कई बहने और भाई शायद परमेश्वर पर विश्वास करते है , और कुछ नहीं भी करते है ,परन्तु हमें हमारी विपरीत परिस्थितियोमे और संसार का साथ छूट जानेपर एक परमेश्वरही है जो हमारा विश्वास और सहारा होता है। दोस्तों मैंने मेरे जीवनमे कई बार महसूस किया और मेरे जीवनकी कुछ सच्ची घटनाये भी है जो मुझे सिखाती है की परमेश्वर मेरे साथ है।
दोस्तों आप लोग सोच रहे होंगे की जब हमें परमेश्वर दिखाई नहीं देता तो हम किसपर विश्वास करे। ऐसा नहीं है दोस्तों परमेश्वर हमें शारीरिक रूपसे नहीं दिखता परन्तु वह आत्मिक रूपसे हमारे साथ है। मै कहना चाहती हु की हर एक कार्य की शुरुवात करनेसे पहले हमें परमेश्वरसे प्रार्थना करना चाहिए ताकि हम जबभी किसी कामकी शुरुवात करेंगे तो हमारा विश्वास दृढ़ हो ताकी धेय्य को प्राप्त कर सके। उदा :- जैसे हमें सुबह उठतेही परमेश्वरको धन्यवाद् करे उसने हमें नया सवेरा दिखाया है , बीते समय के लिए , बीते कामोके लिए, हमारे कामोके लिए जिससे हम पैसा कमा पाते है और हर एक सुख के लिए जो हमारी रोजमर्रा की जिन्दगीमे हम हासिल करते है। वैसेही हमें हमारी रोजकी जिंदगीसे जो हमने कुछ गलतिया की है उसे हमें परमेशवर के आगे अंगीकार करना चाहिए उदा : हमने हमारे पूर्वमे किसीका दिल दुखाया है , किसीकी हानि की है , जरूरतमंदोको नकारा है तो हमें हमारी प्रार्थनामे परमेश्वरसे क्षमा मांगना चाहिए।
दोस्तों मै सच कहती हु आप जब रोज ऐसा करोगे तो आप एक अद्भुत चमत्कारको देख सकते हो। आपको जबभी बेसहारा मेहसूस होता है या फिर लगता है की आप मुसीबतमे हो तब आपको दृढ़ विश्वास से परमेश्वर विश्वास करके विनती करना होगा की उसे आपको उस मुसीबतसे निकालना होगा और बदलेमे आपको परमेश्वरको वचन देना होगा की आप उसीके मार्गपर चलने के लिए तैयार है। सचमुच दोस्तों आप देखेंगे की आपके द्वारा किये गए अंगीकारसे आप अपने विचारोंमें एक नया बदलाव देखेंगे और देखेंगे की आपके द्वारा मांगे गए अच्छे क्षेत्रोंमें आपकी उन्नति हो रही होगी। देरसे क्यू नही पर होगी जरूर। इसीलिए आपको जो भी करना है विश्वास से करना होगा। उम्मीद करती हूँ की आपको आजका टॉपिक बहोत पसंद आया होगा।
धन्यवाद् दोस्तों मै विश्वास करती हु की आपका विश्वास बढानेमें मै सहायक जरूर हो सकती हूँ ।
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